@लोकेश चंद्रा
Mumbai: मुंबई महानगरपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाकर ब्लैकमेल और फिरौती वसूली करने वाले रैकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है। समाजसेवी योगेश सरावते ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस और मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर आरोपियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कठोर कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक वरिष्ठ बीएमसी अधिकारी को फर्जी एनजीओ चलाने वाले गिरोह द्वारा लगातार धमकाया जा रहा था। फिरौती की मांग न मानने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस गिरोह में फर्जी पत्रकार रफीक मुलाणी का नाम मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया है।
मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने 24 सितंबर 2024 को रफीक मुलाणी समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ गोरेगांव पुलिस थाने में IPC की धाराओं 308(2), 308(4), 308(5), 351(3), 3(5), और 61 के तहत गंभीर अपराध दर्ज किए गए थे। हालांकि, बाद में अधिकांश आरोपी जमानत पर रिहा हो गए, जिनमें से कई ने अवैध गतिविधियां बंद कर दीं, लेकिन रफीक मुलाणी ने दोबारा जबरन वसूली शुरू कर दी है।
योगेश सरावते ने अपने पत्र में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि ऐसे संगठित अपराधियों के खिलाफ मकोका जैसी सख्त धाराएं नहीं लगाई गईं, तो यह प्रवृत्ति और बढ़ सकती है। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की अपील की है, जिससे सरकारी अधिकारियों और आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा मिल सके।
