@लोकेश चंद्रा
Om Complex: डोम्बिवली के ओम कॉम्प्लेक्स में इस वर्ष भी गणेशोत्सव पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। यह परंपरा कोई नई नहीं, बल्कि पूरे 20 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। गणेश चतुर्थी पर गणपति बाप्पा की भव्य स्थापना से लेकर विसर्जन तक कॉम्प्लेक्स का माहौल पूरी तरह भक्तिमय और सांस्कृतिक गतिविधियों से सराबोर रहा।

गाजे-बाजे के बीच निकली भव्य शोभायात्रा
मंगलवार को गाजे-बाजे और बैंड की धुनों के बीच गणेश विसर्जन यात्रा निकाली गई। श्रद्धालु गणेशजी की प्रतिमा को आनंद नगर से होते हुए मोठा गांव गणेशघाट लेकर पहुंचे और विधि-विधान से उनका विसर्जन किया। यात्रा के दौरान हर तरफ “गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया” के जयघोष गूंजते रहे।
विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद
इस अवसर पर मंडल की ओर से पूरे सात दिनों तक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रतिदिन विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। गणपति पूजा, आरती और भजन-कीर्तन से वातावरण दिव्य बना रहा। श्रद्धालु ‘जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति’ और अन्य गणेश भजनों पर झूमते-गाते नजर आए।

भजन-कीर्तन और आरती से गूंज उठा पूरा परिसर
मंगलवार को विसर्जन से पूर्व विशेष पूजा-अर्चना और आरती संपन्न की गई। इसके बाद शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें सभी श्रद्धालु और कॉम्प्लेक्स निवासी शामिल हुए। ढोल-ताशों की गूंज, भक्ति गीतों का रस और बप्पा की आराधना ने हर किसी के हृदय में गहरी छाप छोड़ी।

धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश
ओम कॉम्प्लेक्स का यह वार्षिक गणेशोत्सव न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामूहिकता और सांस्कृतिक एकता का भी संदेश देता है। बीते दो दशकों से यह आयोजन समाज में भक्ति, भाईचारे और संस्कारों को जीवित रखने का कार्य कर रहा है।
गणेश उत्सव की तैयारियों के बीच सैकड़ों गणेश भक्त निराश हो गए, जब रत्नागिरी के एक मूर्तिकार ने वादे के बावजूद मूर्तियाँ समय पर नहीं दीं और फरार हो गया। इस कारण ओम काम्प्लेक्स में स्थापित बप्पा की मूर्ति अधूरी अवस्था में ही पहुंची। हालांकि, काम्प्लेक्स के युवाओं ने इस चुनौती का साहसपूर्वक सामना किया और खुद ही बप्पा की मूर्ति को सजाने का जिम्मा उठाया। युवाओं ने मेहनत और रचनात्मकता के साथ अधूरी मूर्ति को पूरी तरह से तैयार किया, इस घटना ने साबित कर दिया कि भक्ति में कठिनाइयाँ आने पर भी समुदाय की एकजुटता और प्रयास सफलता दिला सकते हैं।
– हेमंत पिलनकर, ओम कॉम्प्लेक्स, सेक्रेटरी
