वीरेंद्र दुबे
Tahawwur Rana: 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को लंबे इंतजार और कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार भारत लाया गया है। अमेरिका से एक विशेष विमान के ज़रिए उसे दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया, जहां राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। अब तहव्वुर राणा को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां उसके खिलाफ आतंकवाद और षड्यंत्र से जुड़े मामलों में आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू होगी।
भारत आने से पहले Tahawwur Rana के साथ क्या-क्या हुआ?
6 अप्रैल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के तीन अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के तीन अधिकारियों के साथ अमेरिका रवाना हुआ था, ताकि वे तहव्वुर राणा को अपनी हिरासत में ले सकें। राणा को अमेरिका के लॉस एंजिल्स स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया था। भारत लाने से पहले भारतीय अधिकारियों को एक ‘सरेंडर वारंट’ जारी किया गया था। यह एक कानूनी आदेश होता है, जिसके ज़रिए किसी भगोड़े को प्रत्यर्पण प्रक्रिया के तहत दूसरे देश को सौंपने की अनुमति दी जाती है।
Tahawwur Rana के साथ आगे क्या होगा?
कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद तहव्वुर राणा को लेकर एक विशेष विमान ने 9 अप्रैल की शाम 7:10 बजे अमेरिका से उड़ान भरी थी। यह विमान आज दोपहर दिल्ली के पालम हवाई अड्डे पर उतरा। एयरपोर्ट से राणा को सीधे पटियाला हाउस स्थित विशेष NIA कोर्ट में पेश किया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि NIA कोर्ट से उसकी रिमांड की मांग कर सकती है ताकि उससे पूछताछ की जा सके। राणा की देश में वापसी को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। एयरपोर्ट, तिहाड़ जेल और पटियाला कोर्ट के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके।
Tahawwur Rana को तिहाड़ जेल में रखा जाएगा
कोर्ट में पेशी के बाद तहव्वुर राणा को दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा जाएगा, जहां उसकी सुरक्षा और निगरानी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राणा को जेल तक पहुंचाने के लिए दिल्ली पुलिस की न्यायिक अभिरक्षा वाहिनी को निर्देश दिया गया है कि वह पायलट एस्कॉर्ट के साथ जेल वैन एयरपोर्ट पर भेजे। पहले यह चर्चा थी कि राणा को मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा, लेकिन मामले की कानूनी प्रक्रिया और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तिहाड़ जेल को प्राथमिकता दी गई है।
NIA की ओर से वरिष्ठ वकील नरेंद्र मान लड़ेंगे मुकदमा
केंद्र सरकार ने तहव्वुर राणा के खिलाफ मुकदमे में एडवोकेट नरेंद्र मान को NIA का विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया है। वे इस केस में NIA की ओर से तहव्वुर राणा और डेविड कोलमैन हेडली के खिलाफ पैरवी करेंगे। इस संबंध में गृह मंत्रालय ने एक गैजेटेड नोटिफिकेशन भी जारी किया है। नरेंद्र मान की नियुक्ति नोटिफिकेशन की तारीख से तीन साल के लिए या मुकदमे की समाप्ति तक प्रभावी रहेगी, जो भी पहले हो। गौरतलब है कि नरेंद्र मान इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण मामलों में CBI की ओर से अदालत में पेश हो चुके हैं और उनका अनुभव इस केस में अहम भूमिका निभा सकता है।
Tahawwur Rana की प्रत्यर्पण प्रक्रिया को लेकर कब-क्या हुआ?
2011 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपने पहले आरोप पत्र में तहव्वुर राणा का नाम शामिल किया था। इसके बाद 2014 में दिल्ली की एक अदालत ने राणा सहित कुल 9 आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी किए थे। 2019 में भारत सरकार ने राणा के प्रत्यर्पण के लिए अमेरिका को औपचारिक रूप से राजनयिक नोट सौंपा था, जिससे इस प्रक्रिया की शुरुआत हुई। 2023 और 2024 के दौरान राणा ने अमेरिकी अदालतों में प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिकाएं दाखिल कीं और कानूनी लड़ाई लड़ी। लेकिन अंततः जनवरी 2025 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी, जिससे राणा को भारत लाने का रास्ता साफ हो गया।
कौन है Tahawwur Rana?
तहव्वुर राणा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था। वह पेशे से एक डॉक्टर है और लगभग 10 साल तक पाकिस्तान सेना में बतौर मेडिकल अफसर अपनी सेवाएं दे चुका है। 1997 में वह कनाडा चला गया और तीन साल बाद अमेरिका के शिकागो में इमीग्रेशन से जुड़ा व्यवसाय शुरू किया। राणा के पास कनाडाई नागरिकता है, लेकिन वह लंबे समय से शिकागो में निवास कर रहा है। उस पर आरोप है कि 2006 से लेकर नवंबर 2008 तक उसने मुंबई आतंकी हमलों की साजिश रचने में डेविड कोलमैन हेडली के साथ मिलकर अहम भूमिका निभाई थी।
