@वीरेन्द्र दुबे
Prayagraj: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के ऊपर रोप-वे बनाने का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को दिल्ली में एक रियायत समझौते पर हस्ताक्षर कर इस परियोजना को अंतिम रूप दिया गया। केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस बारे में एक्स पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह रोप-वे राष्ट्रीय रोप-वे विकास कार्यक्रम और पर्वतमाला परियोजना के तहत बनाया जाएगा। इस परियोजना के साथ-साथ प्रयागराज विकास प्राधिकरण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए त्रिवेणी पुष्प में एक थीम पार्क भी बना रहा है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण होगा।
30 मिनट का सफर अब सिर्फ 7 मिनट में
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक वीडियो साझा कर जानकारी दी कि प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर बनने वाले रोप-वे की कुल लागत 230 करोड़ रुपये होगी। इस परियोजना के तहत निर्माण कार्य शंकर विमान मंडपम से शुरू होकर त्रिवेणी पुष्प स्टेशन पर समाप्त होगा।
रोप-वे की कुल लंबाई 2.20 किलोमीटर होगी, जिससे नदी पार करने का समय 30 मिनट से घटकर मात्र 7 मिनट रह जाएगा।
इस रोप-वे की खासियतें:
✅ स्वचालित दरवाजों वाली केबल कार
✅ प्रत्येक कार की यात्री क्षमता – 50 लोग
✅ प्रतिदिन लगभग 8,000 यात्री सफर कर सकेंगे
✅ रोप-वे के दो प्रमुख स्टेशन होंगे
इस परियोजना से न सिर्फ श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रयागराज में पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
वाराणसी में रोप-वे तैयार, इन शहरों में भी जारी काम
प्रयागराज में प्रस्तावित रोप-वे परियोजना को फिलहाल महाकुंभ 2025 के कारण टाल दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो। इस परियोजना का निर्माण नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की कंपनी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) कर रही है।
✅ वाराणसी में रोप-वे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इसे जल्द ही जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
✅ उज्जैन के महाकाल मंदिर, हरियाणा के ढोसी हिल, हिमाचल के बिजली महादेव और श्रीनगर के शंकराचार्य मंदिर में भी रोप-वे परियोजनाओं पर काम जारी है।
इन रोप-वे परियोजनाओं के पूरा होने के बाद धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक यात्रा करना और भी आसान हो जाएगा।
