मुंबई, गंभीर और जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर जीवन देने के लिए उपशामक देखभाल (पैलिएटिव केयर) की जरूरत लगातार बढ़ रही है। यह सुविधा केवल कैंसर के मरीजों तक सीमित नहीं है, बल्कि मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विकारों के साथ फेफड़े, गुर्दे और लिवर की गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए किंग जॉर्ज पंचम मेमोरियल ट्रस्ट और सुकून निलया। (Sukoon Nilaya) पैलिएटिव केयर सेंटर की ओर से मुंबई में विशेष पहल की जा रही है।
विश्व हॉस्पिस एवं उपशामक देखभाल दिवस 2026 के अवसर पर 10 अक्टूबर को नेहरू सेंटर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा मुख्य अतिथि और बृहन्मुंबई महानगरपालिका की आयुक्त अश्विनी भिड़े विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों तक उपशामक देखभाल की सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया गया।
किंग जॉर्ज पंचम मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. एरिक बोर्जेस ने बताया कि महाराष्ट्र में कैंसर के अलावा अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित करीब 26 लाख लोगों को उपशामक देखभाल की जरूरत हो सकती है, लेकिन इनमें से केवल 20 हजार लोगों को ही समुचित और एकीकृत सेवाएं मिल पा रही हैं। ऐसे मरीजों को दर्द से राहत देने, बीमारी के लक्षणों को नियंत्रित करने, पुनर्वास, परामर्श और भावनात्मक सहयोग की आवश्यकता होती है।
वर्ष 2021 में 12 बिस्तरों वाले प्रायोगिक केंद्र के रूप में शुरू हुआ सुकून निलया अब 35 बिस्तरों वाले केंद्र में विकसित हो चुका है। यहां मरीजों को सभी सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। केंद्र में चिकित्सा उपचार के साथ फिजियोथेरेपी, व्यावसायिक चिकित्सा, बोलने और निगलने से जुड़ी समस्याओं का उपचार तथा मरीजों और उनके परिवारों को परामर्श दिया जाता है।
केंद्र की पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मरीजों के परिजनों को प्रशिक्षण देना भी है, ताकि अस्पताल से घर लौटने के बाद वे मरीजों की उचित देखभाल कर सकें। इसके लिए उन्हें जरूरी जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। फोन और वीडियो कॉल के जरिए मरीजों की नियमित निगरानी की जाती है, जबकि जरूरत पड़ने पर घर पर उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।
ट्रस्ट ने केंद्र की सेवाओं का विस्तार करने के लिए करीब 12 हजार वर्ग फुट अतिरिक्त जगह विकसित करने की योजना बनाई है। इसमें अतिरिक्त बिस्तरों के साथ प्रशिक्षण कक्ष, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और सभागार जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। ट्रस्ट ने इसके लिए कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) और सामाजिक संगठनों से सहयोग की आवश्यकता जताई है।
Trending
- Tiger Shroff की कार पर फायरिंग से मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस
- Mumbai में लॉन्च हुई कोरियाई तकनीक वाली स्किन टाइटनिंग और लिफ्टिंग ट्रीटमेंट
- भारतीय ब्यूटी ब्रांड्स की पहचान बढ़ाने पर जोर, जयपुर में जुटे सैलून संचालक
- KidZania मुंबई में बच्चों ने सीखी साइबर सुरक्षा की बारीकियां
- दर्द से राहत और बेहतर देखभाल पर जोर, Sukoon Nilaya की अनूठी पहल
- Godrej Properties और RC ग्रुप की पहल, बांद्रा बे के सौंदर्यीकरण का पहला चरण पूरा
- 30 सितंबर को खुलेगा नित्यास जेम्स एंड ज्वैलरी का IPO
- CMCF के 22वें छात्र सम्मान समारोह में प्रतिभाओं और समाजसेवियों को मिला सम्मान
